Breaking News

ममता के शपथ लेते ही अमित शाह ने लिया बड़ा एक्शन एक्शन

ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की। ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और अपने तीसरे कार्यालय की बागडौर संभाल ली। ममता बनर्जी के शपथ लेते ही, गृहमंत्रालय एक्शन मोड़ में आ गया।

गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को एक पत्र लिखकर पूछा कि उन्‍होंने रविवार के चुनाव परिणाम आने के बाद अ राजकता को रोकने के लिए किए गए उपायों के बारे में क्यों जानकारी नहीं दी गई है।

गृहमंत्रालय ने बंगाल सरकार को दी चेतावनी

चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद पश्चिम बंगाल में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने जिस तरह से कानूनों का उल्लंघन करते हुए शांति को भंग किया। इस पर गृहमंत्रालय ने सख्त संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को पत्र लिख जवाब मांगा है।

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने राज्य को भेजे गए दूसरे पत्र में कहा, “मैं आपको याद दिलाता हूं कि 3 मई को चुनाव के बाद हुई अराजकता के बारे में जानकारी मांगने के बावजूद कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है। पहला पत्र लिखने के दो दिन बाद सरकार इस दूसरे पत्र का गैर-अनुपालन गंभीरता से लिया जाएगा।

भल्ला ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से यह भी पूछा कि अराजकता को रोकने के लिए पर्याप्त उपाय के बारे में जानकारी नहीं दी गई हैं। उन्होंने कहा, “ताजा रिपोर्टें जो बताती हैं कि चुनाव के बाद भी हिं^सा नहीं रुकी है। हिं^सा को रोकने के लिए तत्काल उपाय किए जाने चाहिए और उसी के संबंध में रिपोर्ट तुरंत भेजी जानी चाहिए।”

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भी पश्चिम बंगाल में करेगा जांच

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग(NHRC) ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भंग हुई शांति पर ध्यान दिया है। मानवाधिकार निकाय ने अपने उप महानिरीक्षक (जांच) से अनुरोध किया था कि वे मामले को देखने के लिए टीम गठित करें।

टीम को ऑन-द-स्पॉट फैक्ट-फाइंडिंग जांच करने और इसे दो सप्ताह में प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। कई अन्य मानवाधिकार निकाय जैसे राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग(NCPCR) और राष्ट्रीय महिला आयोग(NCW) ने भी बंगाल से आई इस तरह की खबरों पर चिंता जताई है और जांच की मांग की है।

TMC ने बंगाल में शांति भंग करने वाली घटनाओं को बताया फर्जी

तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि उनका इस तरह की घटनाओं से कोई लेना-देना नहीं है और लोगों से शांति बनाए रखने व COVID-19 प्रोटोकॉल का पालन करने का आग्रह किया। वहीं पश्चिम बंगाल पुलिस ने सभी आरोपों खंडन किया और कहा बड़ी घटनाओं से बड़ी संख्या में फर्जी वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही हैं।

आपको बता दें कि 200 से अधिक सीटे जीतकर ममता बनर्जी के तमाम राजनीतिक पंडितों को आश्चर्य में डाल दिया। ऐसा माना जा रहा था कि एन्टी इंकॉन्वैन्सी और तुष्टिकरण की राजनीति से त्रस्त बंगाल में इस बार सत्ता परिवर्तन जरूर होगा। टीएमसी ने बंगाल में बहुमत तो प्राप्त कर लिया मगर ममता बनर्जी खुद नंदीग्राम से चुनाव हार गई। चुनाव परिणामों के घोषित होने के बाद से पश्चिम बंगाल में इस तरह की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही है।

About appearnews

Check Also

सुप्रीम कोर्ट ने दिया चुनाव से पहले आजम खान को बड़ा झटका

उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी खबर है. समाजवादी पार्टी …