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एग्जिट पोल के अनुसार पांच राज्यों में बनेगी किसकी सरकार? जाने

बंगाल समेत चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के एक्जिट पोल में वही तस्वीर दिखी है, जिसकी अटकल चुनाव शुरू होने से पहले ही लगाई जा रही थी। तेज गति से आगे बढ़ रही भाजपा की धमक हर जगह है और कांग्रेस हर मोड़ पर पस्त।

वह न तो भाजपा से लड़ने में समर्थ हो रही है, न ही वाम से। वहीं, बंगाल में तीसरी बार सत्ता की लड़ाई लड़ रही ममता बनर्जी की पकड़ खत्म होती दिख रही है। एक्जिट पोल के आंकड़े दिखा रहे हैं कि ममता की अगर सत्ता में वापसी भी हुई तो वह बड़ी राजनीतिक जमीन गंवा देंगी। चुनाव नतीजे दो मई को आएंगे।

महीनेभर चले विधानसभा चुनावों के लिए गुरुवार को आखिरी चरण का मतदान हुआ। अब नतीजे का इंतजार है। मतदान के बाद आए एक्जिट पोल में अलग-अलग एजेंसियां और चैनल बंगाल को लेकर एकमत नहीं दिखे। कुछ ममता की सरकार बना रहे हैं, तो कुछ भाजपा की।

कुछ चैनलों ने इसे बहुत करीबी मुकाबला बताया है, यानी किसी भी सरकार बन सकती है। ध्यान रहे कि बंगाल में भाजपा की चुनावी कमान संभालने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 200 प्लस का दावा किया था।

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वहीं ममता की ओर से बार-बार यह कहा जा रहा था कि भाजपा तीन अंकों को भी पार नहीं कर पाएगी। ममता के रणनीतिकार प्रशांत किशोर यह ताल ठोकते रहे कि भाजपा 100 को पार कर गई तो वह अपना काम छोड़ देंगे।

फिलहाल रोचक यह है कि जिन कुछ चैनलों पर ममता की सरकार का आकलन किया जा रहा है, वे भी भाजपा को सौ से पार ही दिखा रहे हैं। ऐसे में नतीजा जो भी आए प्रशांत किशोर की विश्वसनीयता के लिए खतरा ही है। ध्यान रहे कि उन्हें कांग्रेस ने अभी से पंजाब में अपना रणनीतिकार नियुक्त कर लिया है।

पश्चिम बंगाल में मिलाजुला असर

एबीपी और सी वोटर के एग्जिट पोल के मुताबिक, बंगाल की 292 विधानसभा सीटों में तृणमूल कांग्रेस को 42.1 फीसद वोट मिल रहा है। वहीं भाजपा के खाते में 39.1 फीसद वोट मिलता दिख रहा है। इसके अलावा कांग्रेस को 15.4 फीसद वोट मिल सकते हैं।

एबीपी और सी वोटर के एग्जिट पोल के मुताबिक, बंगाल की 292 विधानसभा सीटों में तृणमूल कांग्रेस को 152-164 सीटें मिलती दिख रही हैं। वहीं भाजपा के खाते में 109-121 सीटें मिल सकती हैं। इसके अलावा कांग्रेस को 14- 25 सीटें मिल सकती हैं।

टाइम्स नाउ सी-वोटर के एग्जिट पोल के मुताबिक पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सीटें 211 से घटकर 158 हो सकती हैं मगर बहुमत मिलेगी, भाजपा 115 सीटें जीत सकती हैं। लेफ्ट-कांग्रेस की सीटें 76 से घटकर 19 रह सकती हैं।

बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 30 मई 2021 को पूरा हो रहा है। ऐसे में 30 मई से पहले हर हाल में विधानसभा और नई सरकार के गठन की प्रकिया पूरी होनी है।

पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं। पिछले 10 साल से ममता बनर्जी यहां मुख्यमंत्री हैं। भाजपा ने यहां बहुत जोर लगाया है। अब देखना है कि ममता अपना किला बचा पाती है या नहीं।

असम में भाजपा की फिर वापसी

एबीपी और सी वोटर के एग्जिट पोल के मुताबिक, असम की 126 सीटों में भाजपा को 58-71 सीटें मिल सकती हैं जबकि कांग्रेस को 53-66 सीटें मिलती दिख रही हैं। इसके अलावा अन्य के खाते में 5 सीटें जा सकती हैं।

असम में आज तक के एग्जिट पोल की मानें राज्य की 126 सीटों में से भाजपा+ को 75 से 85 और कांग्रेस को 40-50 सीटें मिल सकती हैं। अन्य के खाते में 1-4 सीटें जा सकती हैं।

रिपब्लिक-सीएनएक्स के मुताबिक असम में एनडीए को 79, यूपीए को 45 और अन्य को 2 सीटें मिल सकती हैं। न्यूज नेशन की मानें तो भाजपा गठबंधन को 65, कांग्रेस को 49, AIUDF+ को 9 और अन्य को 3 सीटें मिल सकती हैं।

बता दें कि 126 सीटों वाली असम विधानसभा का कार्यकाल 31 मई को समाप्त हो रहा है। 2016 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य में 15 साल से सत्तासीन कांग्रेस के शासन को उखाड़ फेंका था।

2016 के चुनाव में भाजपा को 86 सीटें मिलीं और सर्वानंद सोनोवाल राज्य के मुख्यमंत्री बने। इस बार कांग्रेस की अगुवाई वाली गठबंधन से भाजपा को कड़ी टक्कर मिल रही है।

केरल में यूडीएफ और एलडीएफ के बीच टक्कर

इंडिया टुडे-एक्सिस-माय-इंडिया के अनुसार यहां एलडीएफ के खाते में 47 फीसद वोट रहा, वहीं यूडीएफ के खाते में 38 फीसद और भाजपा के खाते में 12 फीसद वोट फीसद रहा।

वहीं सीटों की अगर बात करें तो केरल की 140 सीटों पर एलडीएफ के खाते में 104 से 120 सीटें मिलने का अनुमान है भाजपा को शून्य से 2 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं अन्य के खाते में भी शून्य से दो सीटों का अनुमान लगाया जा रहा है।

बता दें कि 140 सीटों वाली केरल विधानसभा का कार्यकाल एक जून को खत्म हो रहा है। राज्य में 2016 में हुए विधानसभा चुनाव में कम्युनिस्ट पार्टी की अगुवाई वाले गठबंधन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने 91 सीटों पर जीत हासिल की थी।

पिनाराई विजयन राज्य के 12वें मुख्यमंत्री बने। कांग्रेस की अगुवाई वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट दूसरे नंबर पर रहा था. इस बार भी दोनों के बीच कड़ी टक्कर है।

तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन को पूर्ण बहुमत

एबीपी और सी वोटर के एग्जिट पोल के मुताबिक, तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों में कांग्रेस-डीएमके गठबंधन को पूर्ण बहुमत मिलता दिख रहा है। कांग्रेस-डीएमके गठबंधन को 46.7 फीसद वोट मिल सकता है। वहीं भाजपा+ को 35 फीसद वोट मिलने की संभावना है। अन्य के खाते में 18.3 फीसद वोट जा सकता है।

बता दें तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 24 मई को खत्म हो रहा है। 234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा के लि‍ए 2016 में हुए चुनाव में जयललिता की अगुवाई में एआईएडीएमके ने जीत हासिल की थी। जयललिता के निधन के बाद एआईएडीएमके मैदान में है। उसे डीएमके से कड़ी टक्कर मिल रही है।

पुडुचेरी में कड़ी टक्कर केंद्र

शासित प्रदेश पुदुचेरी में विधानसभा का कार्यकाल आठ जून को खत्म हो रहा है। 30 सीटों वाली पुडुचेरी विधानसभा के लिए 2016 में हुए चुनाव में कांग्रेस की अगुवाई वाले यूपीए गठबंधन को जीत हासिल हुई थी।

यूपीए को कुल 17 सीटों पर जीत मिली जिनमें कांग्रेस को अकेले 15 सीटें हासिल हुई थीं। हालांकि, चुनाव से पहली ही वहां सरकार गिर गई थी।

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