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राजद नेता ने कन्हैया कुमार के कांग्रेस में शामिल होने पर दिया बड़ा बयान, कहा- एक और नवजोत सिंह सिद्धू साबित होगा कन्हैया कुमार

बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद ने कन्हैया कुमार को कांग्रेस में शामिल करने के बाद अपने सहयोगी दल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है! पार्टी ने जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और भाकपा से कांग्रेस नेता बने कन्हैया कुमार का उपहास उड़ाते हुए कहा कि वह कांग्रेस के लिए “एक और नवजोत सिंह सिद्धू” साबित होंगे और पुरानी पार्टी को “ब र्बाद” करेंगे!

लालू यादव की पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कांग्रेस को डूबता जहाज बताकर उसका मजाक उड़ाया है और यहां तक ​​कह दिया है कि उसका कोई भविष्य नहीं है! पार्टी ने कहा है कि कन्हैया कुमार के शामिल होने से कांग्रेस को कोई फायदा नहीं होगा! दरअसल, खबरें हैं कि कन्हैया कुमार के कांग्रेस में शामिल होने से राजद नेतृत्व काफी नाराज है और उन्होंने अपने प्रवक्ताओं को इस मुद्दे पर बोलने का निर्देश भी दिया है!

शिवानंद तिवारी ने कन्हैया कुमार के उस बयान पर तीखी टिप्पणी की है कि वह सीपीआई से कांग्रेस में शामिल हुए थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘कांग्रेस एक बहुत बड़ा जहाज है, जिसे बचाने की जरूरत है!’ इसका जवाब देते हुए तिवारी ने कहा कि ‘वह दूसरे नवजोत सिंह सिद्धू की तरह हैं, जो पार्टी को और ब र्बाद करेंगे!’ उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि ‘कन्हैया कुमार के शामिल होने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा! वह पार्टी को नहीं बचा सकते! कांग्रेस एक डूबता जहाज है और इसका कोई भविष्य नहीं है!’

कांग्रेस बिहार में राजद की सहयोगी है

राजद सूत्रों का कहना है कि कन्हैया कुमार को कांग्रेस में शामिल किए जाने से पार्टी खफा है और उन्होंने तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाली पार्टी से इस मामले पर चर्चा तक नहीं की है! लगभग दो दशकों से, कांग्रेस बिहार में राजद के नेतृत्व वाले गठबंधन के मामूली सहयोगी के रूप में राजनीति कर रही है और पिछले साल के बिहार विधानसभा चुनाव में भी, उसने राजद के साथ-साथ एनडीए के खिलाफ भी चुनाव लड़ा था! बिहार कांग्रेस के नेताओं ने राष्ट्रीय जनता दल की ओर से कांग्रेस पार्टी के खिलाफ इस तरह की कड़ी टिप्पणी पर किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है!

तेजस्वी की राजनीति को कन्हैया से दिक्कत?

सूत्रों के मुताबिक, बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भी चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कन्हैया कुमार को कांग्रेस में शामिल करने की काफी कोशिश की थी! लेकिन, लालू यादव की पार्टी के कड़े विरोध के चलते कांग्रेस ऐसा नहीं कर पाई! बिहार की राजनीति को समझने वालों का कहना है कि राजद कभी भी तेजस्वी यादव से ज्यादा किसी युवा को गठबंधन में नेता के रूप में उभरने नहीं देना चाहती! इतना ही नहीं कन्हैया कुमार भूमिहार जाति से आते हैं और यह लालू-राबड़ी के ‘माई या मुस्लिम यादव’ समीकरण में फिट नहीं बैठता! वहीं, कांग्रेस को उम्मीद है कि कन्हैया कुमार के आने से वह बिहार की राजनीति में अपना दशकों पुराना दबदबा फिर से हासिल कर सकती है!

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