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श्रीलंका ने चीन को दिया बड़ा झटका,भारत के साथ करने जा रहा है ये बड़ा काम

जैविक खाद के मामले को लेकर श्रीलंका और चीन के बीच तनाव पैदा हो गया है वहीं चीन के खाद को हानिकारक मानते हुए श्रीलंका ने उसको वापस कर दिया है ऐसे में श्रीलंका का कहना है कि चीन का खाद जह रीला है वहीं इसके बाद चीन ने अपनी उर्वरक कंपनी को फिर से टेस्ट करने का ऑर्डर दे दिया है हालांकि इस बीच श्रीलंका ने जैविक खाद की खरीद अब भारत से शुरू कर दी है!

श्रीलंका का कहना है कि चीनी जैविक उर्वरक को उनकी जमीन पर उतारने की अनुमति नहीं दी जाएगी श्रीलंका के एक प्लांट प्रोडक्शन ऑर्डिनेंस के अनुसार किसी भी प्रोडक्ट में कीटाणु नहीं होने चाहिए लेकिन चीनी सैंपल्स पर किए गए प्रशिक्षण और विश्लेषण के बाद थोक परमिट की अनुमति नहीं दी जा सकती क्योंकि सैंपल पर किए गए दोनों कैसे मालूम चला है कि यह हानिकारक कीटाणुओं से भरा हुआ है!

श्रीलंकाई प्रशिक्षण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं होने के आ रोप पर कृषि महानिदेशक डॉ अजंता डीसिल्वा का कहना है कि दुनिया भर में टेस्ट प्रक्रिया और स्टैंडर्ड में काफी हद तक एक समान है और एक देश में किया गया टेस्ट दूसरे देश में आसानी से स्वीकार्य हैं वहीं श्रीलंका ने पहले ही इस संबंध में चीन को एक रिपोर्ट भेज दी थी जिसमें कहा गया था कि श्रीलंका ने उर्वरक की चीन द्वारा भेजी गई खेप को अनुमति नहीं दी है!

गौरतलब है कि कुछ समय पहले श्रीलंका ने चीन की जैविक खाद बनाने वाली एक कंपनी को खा सप्लाई करने का ऑर्डर दे दिया था हालांकि जांच के दौरान यह मालूम चल गया कि चीनी कंपनी ने इस खाद की सप्लाई श्रीलंका को कर दी थी वह दूषित थी उसके बाद श्रीलंका के अधिकारियों ने कार्यवाही करते हुए चीन से आए खाद को वापस कर दिया है वही लेटर ऑफ क्रेडिट के अनुसार श्रीलंका के बैंक ने चीन की कंपनी को पैसे का भुगतान करने से भी मना कर दिया है इससे गुस्साए चीन ने श्रीलंका की सरकारी बैंक को ही ब्लैक लिस्ट कर दिया है!

वही द हिंदू की छपी रिपोर्ट के अनुसार चीन ने उर्वरक खाद के एक आर्डर के संबंध में लेटर ऑफ क्रेडिट डिफॉल्ट का हवाला देते हुए श्रीलंका के सरकारी बैंक को ब्लैक लिस्ट कर दिया है मामले में तनाव उस समय बढ़ गया जब पीपुल्स बैंक ने चीन की कंपनी क्विंग्डाओ सीविन बायोटेक को भुगतान रोक लिया! वहीं चीनी कंपनी से जैविक खाद की खरीद पर श्रीलंका की सरकारी कंपनी सीलोन फर्टिलाइजर ने की थी इस मामले को लेकर कम्पनी हाईकोर्ट में गई थी!

22 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने आदेश जारी कर चीनी कंपनी को भुगतान पर रोक लगा दिया है वहीं बैंक के द्वारा भुगतान रोके जाने के बाद कोलंबो स्थित चीनी दूतावास ने पीपुल्स बैंक को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है चीनी के दूतावास का कहना है कि खाद का भुगतान रोके जाने से चीनी कंपनियों को भारी नुकसान हुआ है वहीं भेजी गई खाद को खराब बताने का फैसला गलत था!

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