भारतीय जनता पार्टी अपने संगठन में एक बड़ा बदलाव भी करने जा रहे हैं राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबिन ने अपनी नई टीम को अंतरिम रूप भी दे दिया है ऐसे में संगठन में इस बड़े बदलाव की घोषणा सोमवार को या फिर इसी हफ्ते की जा सकती है सूत्रों का तो यह भी कहना है की नई पीढ़ी के नेता को शामिल करने पर ध्यान दिया जा रहा है जिसमें युवाओं और महिलाओं को अच्छी खासी हिस्सेदारी मिलने वाली है.
यहां जानकारी के लिए बता दे की भारतीय जनता पार्टी की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को की गई थी और नबिन को इस साल 19 जनवरी को पार्टी का 12 अध्यक्ष भी चुन लिया गया था नवीन के चुनाव के बारे में यह भी उम्मीदें लगाई जा रही थी कि भाजपा के पूरे संगठन में पीढ़ी का बदलाव किया जाएगा वहीं भाजपा के नेतृत्व में हुए छात्र विद्रोह विरोध के ठीक बाद हो रहे इस बदलाव को सताधारी पार्टी की ओर से जैन जी की हालिया चिताओं के जवाब के तौर पर भी देखा जा रहा है.
अब यह देखना भी काफी ज्यादा दिलचस्प रहने वाला है कि क्या नितिन नबिन पार्टी संगठन में धर्मेंद्र प्रधान को भी कोई जगह देते हैं या नहीं देते हैं जिन्हें भाजपा के चलते पद से हटा दिया गया था उम्मीद तो यही है कि कहीं वरिष्ठ नेताओं को केंद्रीय मंत्री परिषद से हटाकर बीजेपी संगठन में लाया जा रहा है.
इन्होने दिया अब इस्तीफा
बीजेपी को एक बड़ा झटका लगा है; पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने इस्तीफ़ा दे दिया है। उन्होंने इसके लिए निजी आर्थिक कारणों का हवाला दिया और कहा कि वह कॉर्पोरेट या प्राइवेट सेक्टर में शामिल होना चाहते हैं।
शहज़ाद ने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफ़े की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पार्टी ने शुरू में इस्तीफ़ा स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और उनसे अपने फ़ैसले पर फिर से विचार करने को कहा था; हालाँकि, काफ़ी सोच-विचार के बाद उन्होंने अपने फ़ैसले पर कायम रहने का निर्णय लिया। उन्होंने पीएम मोदी, नितिन नवीन और गृह मंत्री अमित शाह का भी आभार व्यक्त किया।