पीएम मोदी के बाद कौन? राजनीति के गलियारों से लेकर ज्योतिष के अखाड़े तक उठे सवाल: भारतीय राजनीति में इन दिनों एक सवाल हर किसी की ज़ुबान पर है कि आखिर नरेंद्र मोदी के बाद देश की कमान आखिर कौन संभालेगा? सियासी गलियारों में कयासों का दौर जारी है, वहीं ज्योतिष की दुनिया भी पीछे नहीं है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल के आधार पर तीन बड़े नेताओं के सितारे इस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा में हैं।
सियासत और सितारों का पुराना नाता
हमारे देश की राजनीति में ज्योतिष का दखल कोई नई बात नहीं है। राजा-महाराजाओं के दौर से लेकर आज तक, बड़े फैसलों से पहले सितारों की चाल ज़रूर देखी जाती है। भाजपा ने बीते एक दशक में मोदी के नेतृत्व में कई रिकॉर्ड बनाए, पर अब बड़ा सवाल उत्तराधिकार का है। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो तीन नेताओं की कुंडली में सत्ता और सफलता के मजबूत योग बन रहे हैं।
लग सकता है योगी आदित्यनाथ को झटका, संसदीय बोर्ड में मिलेगी इस मुख्यमंत्री को जगह?
योगी आदित्यनाथ
इस रेस में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम काफी आगे चल रहा है। पंडितों का कहना है कि उनकी कुंडली में शनि और गुरु की स्थिति बेहद मजबूत है, जो उन्हें एक कड़ा और कड़ा फैसला लेने वाला नेता बनाती है। उनकी सख्त छवि और प्रखर हिंदुत्व कार्यकर्ताओं के बीच बेहद लोकप्रिय है। अगर सितारे इसी तरह मेहरबान रहे, तो आने वाले सालों में उनका राजनीतिक कद देश के सबसे बड़े पद तक पहुँच सकता है।
नितिन गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी इस दौड़ में मजबूती से टिके हैं। उनकी कुंडली में सूर्य और मंगल का शुभ प्रभाव दिखता है, जो एक कुशल प्रशासक की पहचान है। ज़मीन पर काम करने का उनका तरीका, खासकर हाईवे और इंफ्रास्ट्रक्चर में उनका प्रदर्शन, पार्टी लाइन से हटकर भी सराहा जाता है। उनकी सादगी और काम करने का अंदाज़ उन्हें सत्ता के शीर्ष तक पहुँचाने का दम रखता है।
अमित शाह
भाजपा के ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति का लोहा हर कोई मानता है। ज्योतिषियों के मुताबिक, उनकी कुंडली में राहु और चंद्रमा का मेल उन्हें कूटनीति और सांगठनिक मामलों में माहिर बनाता है। मोदी के साथ उनकी ट्यूनिंग और ज़मीनी पकड़ उन्हें बहुत मजबूत बनाती है, हालांकि कुछ ग्रहों की स्थिति बीच-बीच में राजनीतिक चुनौतियाँ भी पेश कर सकती है।
सितारों का खेल या मेहनत का दम?
ज्योतिष भविष्य का एक इशारा हो सकता है, लेकिन आख़िरकार राजनीति में जीत जनता के भरोसे और मेहनत से ही मिलती है। तीनों ही नेताओं के पास अनुभव और बड़ा जनाधार है। ग्रह-नक्षत्र बदलते रहते हैं और राजनीति का मिज़ाज भी, लेकिन फ़िलहाल इस सवाल ने देश का सियासी पारा ज़रूर बढ़ा दिया है।