पिता पंजाबी, मां बंगाली, पति पारसी, कौन सा धर्म मानती हैं स्मृति ईरानी ?,हुआ बड़ा खुलासा,जानकर लोग हुए हैरान।

भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम के ऐलान के साथ ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम में वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन में उनकी इस दमदार वापसी को आगामी चुनावी चुनौतियों और पार्टी की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। स्मृति ईरानी सिर्फ राजनीति का ही चर्चित नाम नहीं हैं। छोटे पर्दे के मशहूर धारावाहिक ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में ‘तुलसी’ का कालजयी किरदार निभाकर उन्होंने घर-घर में अपनी खास पहचान बनाई थी। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और भाजपा के प्रमुख चेहरों में शुमार हो गईं। हालांकि, राजनीतिक उपलब्धियों के साथ-साथ उनके नाम के सरनेम और निजी जिंदगी को लेकर भी इंटरनेट पर अक्सर सवाल तैरते रहते हैं।

ऐतिहासिक जीत तक का सफर

स्मृति ईरानी का जन्म 23 मार्च 1976 को नई दिल्ली में हुआ था। शादी से पहले उनका नाम स्मृति मल्होत्रा ​​था; उनके माता-पिता अजय कुमार मल्होत्रा ​​और शिबानी बागची हैं। उन्होंने 1998 में मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपने करियर की शुरुआत की, जहाँ वे टॉप नौ में जगह बनाने में कामयाब रहीं। इसके बाद, 2000 में उन्होंने टेलीविज़न की दुनिया में कदम रखा और ‘तुलसी विरानी’ का किरदार निभाकर पूरे देश में पहचान बनाई। 2003 में वे बीजेपी में शामिल हुईं और अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान, उन्होंने अमेठी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को कड़ी टक्कर दी। हालाँकि वे वह चुनाव हार गईं, लेकिन 2019 में उन्होंने उसी सीट पर राहुल गांधी को हराकर भारतीय राजनीति में एक बड़ा उलटफेर किया। 2024 के चुनावों में अमेठी में हार का सामना करने के बावजूद, उन्हें अब राष्ट्रीय महासचिव की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है; यह भूमिका पार्टी के भीतर उनकी लोकप्रियता और कद को दर्शाती है।

पारिवारिक बैकग्राउंड

स्मृति ईरानी का पारिवारिक बैकग्राउंड देश के अलग-अलग राज्यों और संस्कृतियों का अनोखा मेल है। उनके पिता अजय कुमार मल्होत्रा का परिवार पंजाबी और मराठी पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखता है, जबकि उनकी मां शिबानी बागची बंगाली परिवार से थीं। उनके ननिहाल की जड़ें असम से भी जुड़ी रही हैं।

स्मृति ईरानी किस धर्म को मानती हैं?

स्मृति ईरानी ने साल 2001 में बिजनेसमैन जुबिन ईरानी से शादी की, जो पारसी धर्म से ताल्लुक रखते हैं। शादी के बाद उनके नाम के आगे ‘ईरानी’ सरनेम जुड़ गया। इसी सरनेम की वजह से अक्सर सोशल मीडिया पर उनके धर्म को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। हालांकि स्मृति ईरानी ने खुद कई मौकों पर अपनी धार्मिक पहचान को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ की है। एक मीडिया कार्यक्रम के दौरान जब उनसे सीधे पूछा गया कि वह हिंदू हैं या पारसी, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके पति भले ही पारसी हैं, लेकिन वह खुद जन्म और आस्था से एक गर्वित हिंदू हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि माथे का सिंदूर उनकी व्यक्तिगत आस्था का प्रतीक है और केवल सरनेम के आधार पर उनकी धार्मिक पहचान को आंकना गलत है।

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