स्वतंत्रता दिवस पर रामदेव का बड़ा धमाका, दी नए आंदोलन की चेतावनी: 15 अगस्त का मौका था, चारों तरफ जश्न का माहौल। लेकिन पत्रकारों से बातचीत के दौरान बाबा रामदेव ने जो कहा, उसने एकाएक सियासी पारा चढ़ा दिया। देश की शिक्षा व्यवस्था और सरकारी नौकरियों के घपलों पर बोलते-बोलते बाबा इस कदर बिफर गए कि सीधे नए आंदोलन की ही चेतावनी दे डाली। साफ़ शब्दों में बोले: “अगर हालात नहीं सुधरे, तो उन्हें फिर से सड़क पर उतरना पड़ेगा।” हालांकि बातों-बातों में यह भी जोड़ दिया कि वे किसी तरह की हुड़दंग या अराजकता के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं।
रामदेव ने देश की जमीनी सच्चाई पर उंगली उठाते हुए कहा कि आज छोटे-छोटे गाँवों और कस्बों के सरकारी स्कूलों का बुरा हाल है। बच्चे बाहर आकर रोते हैं, न पीने को पानी है, न ढंग का टॉयलेट। कहीं मास्टर साहब गायब हैं तो कहीं किताबें ही नहीं पहुँचीं। हद तो तब हो जाती है जब बच्चे दिन-रात एक करके तैयारी करते हैं और आखिर में खबर आती है कि पेपर लीक हो गया! 10वीं-12वीं के बोर्ड एग्ज़ाम की वैसे भी कोई वैल्यू बची नहीं है, सब कुछ एंट्रेंस पर टिका है और वहां भी खेल हो जाता है।
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सरकारी नौकरी मतलब 90% घोटाला?
इंटरव्यू और सरकारी भर्तियों पर रामदेव का गुस्सा खुलकर बाहर आया। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों के इंटरव्यू में 90 से 99 परसेंट तक सेटिंग चलती है। Merit गई तेल लेने! अपनी विचारधारा, अपनी जाति और अपने पहचान वाले लोगों को चुपके से घुसा दिया जाता है और बाकी काबिल बच्चे बाहर धक्का खाते रहते हैं। “एक तरफ आप बोर्ड पर लिखते हो ‘सत्यमेव जयते’ और दूसरी तरफ टेबल के नीचे से करोड़ों का लेन-देन करके सीटें पहले ही बुक हो जाती हैं।” आंदोलन की याद दिलाते हुए रामदेव ने कहा कि अगर हर छोटी-बड़ी बात के लिए देश की जनता को सड़कों पर ही सोना पड़े, तो फिर सरकारें किस काम की? तंत्र को वक्त रहते सुधर जाना चाहिए, क्योंकि घपलेबाज़ी की भी एक सीमा होती है। अगर यही हाल रहा तो रामदेव को दोबारा झोला उठाकर मैदान में उतरना पड़ेगा।
गृह मंत्री पर सीधा निशाना
यह बयान ऐसे वक्त आया है जब हाल ही में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के 36 दिनों के जंतर-मंतर धरने के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। अब इसी कड़ी में कॉजपा नेता अभिजीत दीपके ने सरकारी स्कूलों की बदहाली को लेकर एक और मोर्चा खोल दिया है। 20 जुलाई को संसद घेराव के दौरान हुए लाठीचार्ज का ज़िक्र करते हुए दीपके ने सीधे गृह मंत्री अमित शाह को लपेटा। दीपके ने कहा: “अमित शाह संसद से क्यों भाग रहे हैं? उनके इशारे पर निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस और पेलेट गन चलाई गईं। उन्हें संसद के अंदर आकर देश से माफ़ी मांगनी चाहिए।”